मैं और मेरी तन्हाई


पल पल रहें हम साथ साथ,
करे हज़ारों बात !

दोस्ताना हैं ये हमारा बचपन का,
सिलसिला हैं ये हर दिन का !

सुख-दुःख तो आते जाते मेहमान हैं,
तन्हाई हर वक़्त मैं साथ रहने वाला परछाई हैं !

साँसों का क्या भरोसा कब छोड़ जाए साथ,
पर तन्हाई कभी न छोड़े मेरा हाथ !

मैं और मेरी तन्हाई और हमारी गजब कहानी ........

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